डोर

आस की डोर टूट न जाए , इसको तुम थाम लो। जब कोई रास्ता न नजर आए, इसे तुम राह दो। विश्वास की ज्योत जलती रहे, इसे तुम ढाप लो। पैर डगमगा न जाए, इसे तुम उत्साह दो।

चलना न छोड़ दें , इसे तुम बांह दो। जीना न भूल जाए, इसे तुम श्वास दो। लड़ना न डराए, इसे तुम आस दो। अंधेरा न हो जाए, इसे तुम प्रकाश दो।

नज़र ना आए, इसे तुम आंख दो। मन की बात कही न जाए, इसे तुम साथ दो। कुछ मन को न भाए, इसे तुम चाह दो। इच्छाएं सारी मर जाए, इसे तुम निखार दो।

Published by Mini

I'm having so much thoughts about today's India and it's people.... I wanna share all that thoughts.... That's why I'm here😇

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