
आस की डोर टूट न जाए , इसको तुम थाम लो। जब कोई रास्ता न नजर आए, इसे तुम राह दो। विश्वास की ज्योत जलती रहे, इसे तुम ढाप लो। पैर डगमगा न जाए, इसे तुम उत्साह दो।
चलना न छोड़ दें , इसे तुम बांह दो। जीना न भूल जाए, इसे तुम श्वास दो। लड़ना न डराए, इसे तुम आस दो। अंधेरा न हो जाए, इसे तुम प्रकाश दो।
नज़र ना आए, इसे तुम आंख दो। मन की बात कही न जाए, इसे तुम साथ दो। कुछ मन को न भाए, इसे तुम चाह दो। इच्छाएं सारी मर जाए, इसे तुम निखार दो।