दूर एक छोटा सा घरौंदा बनाओ।
उसमें एक प्यार का पौधा लगाओ।
पौधे को प्यार के पानी से सींचो
सुकून की घास से जमीन को सजाओ।
घरौंदे में साथ हो खुशियों का
मुस्कुराहटों से सराबोर हो दुनिया।
दुखों की धूल को प्यार से हटाओ
ना देना दर्द मुझे अपने लफ़्ज़ों से
अब ना रहा मेरे अंदर सब्र का आलम
मेरी ज़िन्दगी को सजाना खुशियों से साजन।।
